रामधारी सिंह दिनकर की युग चेतना

Authors

  • SnehLata Gupta हिन्दी विभागाध्यक्षा, गिन्नी देवी मोदी गर्ल्स पी जी कॉलिज, मोदीनगर, गाज़ियाबाद,उत्तर प्रदेश, भारत I

Keywords:

रामधारी सिंह दिनकर

Abstract

दिनकर वाद-विशेष की संकीरà¥à¤£ सीमाओं से मà¥à¤•à¥à¤¤ अतिशय पà¥à¤°à¤¬à¥à¤¦à¥à¤§ और यà¥à¤—चेता कवि हैं। मानव-जीवन की चिरनà¥à¤¤à¤¨ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं पर उनका चिनà¥à¤¤à¤¨ बहà¥à¤¤ मौलिक है। उनकी कविताओं में जनजागरण की विचारधारा और राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ बड़े पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¥€ ढंग से अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ हà¥à¤ˆ है। दिनकर ओज और आवेग के कवि हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गॉधीवादी दरà¥à¤¶à¤¨ के विपरीत कà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¤¿à¤•ारी विचारधारा को कावà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• वाणी दी हैं। कवि ने   à¤§à¥à¤µà¤‚सक कà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¤¿ का आहà¥à¤µà¤¾à¤¨ नवनिरà¥à¤®à¤¾à¤£ हेतॠही किया है। ‘हà¥à¤•ंार’ में कà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¤¿-दूत दिनकर की ही हà¥à¤‚कार गूॅजी है। सà¥à¤µà¤¤à¤¨à¥à¤¤à¥à¤°à¤¤à¤¾ के उपरानà¥à¤¤ भी दिनकर की राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ और यà¥à¤—-चेतना कà¥à¤·à¥€à¤£ नहीं पड़ी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जनतनà¥à¤¤à¥à¤° के निवासियों को निरनà¥à¤¤à¤° उनके अधिकारों और करà¥à¤¤à¥à¤¤à¤µà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सचेत किया। ‘रशà¥à¤®à¤¿à¤°à¤¥à¥€ में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने करà¥à¤£ के माधà¥à¤¯à¤® से जाति-पà¥à¤°à¤¥à¤¾ के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर उजà¥à¤œà¥à¤µà¤² चरितà¥à¤° को शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤  माना है। दिनकर कला को कला के लिठमानकर जीवन के लिठमानते हैं। इसलिठकला-कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कावà¥à¤¯-शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ परमà¥à¤ªà¤°à¤¾à¤“ं को छोड़कर यà¥à¤— के अनà¥à¤°à¥‚प हदयगà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€ कावà¥à¤¯ की रचना की है।

DOI: https://doi.org/10.24321/2456.0510.202103

References

1. डॉ0 बच्चन सिंह-आधुनिक हिन्दी साहित्य का इतिहास-पृ0 270।
2. चक्रवाल की भूमिका - पृ0 34।
3. परशुराम की प्रतीक्षा - पृ0 21।
4. हुंकार - पृ0 16।
5. परशुराम की प्रतीक्षा - पृ0 47।
6. वही पृ0 10।
7. रेणुका पृ0 7।
8. वही पृ0 33।
9. रेणुका-पृ0 55।
10. वही पृ0 2।
11. राष्ट्रकवि दिनकर, ‘‘हुंकार’’ भूमिका-पृ0 26।
12. हुंकार-पृ0 39।
13. वही पृ. 74।
14. डॉ0 पुष्पा ठक्करः दिनकर काव्य में युग चेतना-पृ0 188।
15. नीम के पत्ते-पृ0 5।
16. नीम के पत्ते-पृ0 5।
17. नीम के पत्ते-पृ0 5।
18. चक्रवात - पृ0 352।
19. शिवसागर मिश्रः दिनकरः एक सहज पुरूष, पृ0 104।
20. नीम के पत्ते - पृ0 27।
21. डॉ0 पुष्पा ठक्करः दिनकर काव्य में युग-चेतना, पृ0 82।

Published

2022-02-04